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"नैचुरल हनी" ब्राँड शहद के मालिक हैं युवा किसान अनिल धाकड़

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भोपाल, 

         परम्परागत खेतिहर परिवार के युवा अनिल धाकड़ ने नीमच जिले में जावद शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज से मैकेनिकल ब्राँच में डिप्लोमा कोर्स किया है। अपनी पढ़ाई का फायदा खेती के जरिये प्राप्त करने के लिये अनिल ने किसान कल्याण विभाग की आत्मा परियोजना के अधिकारियों से चर्चा की। अनिल में कुछ कर गुजरने की लगन देखकर अधिकारियों ने इन्हें राजस्थान में कोटा भेजकर मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण दिलवाया।

आत्मा परियोजना की मदद से आज युवा किसान अनिल धाकड़ 'नैचुरल हनी' ब्राँड के शहद के मालिक बन गए हैं। इन्होंने अपने ब्राँड को एफएसएसएआई में रजिस्टर करवा लिया है। अनिल द्वारा मधुमक्खी पालन से उत्पन्न शहद मार्केट में 300 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकता है।

युवा किसान अनिल धाकड़ ने मधुमक्खी पालन को बड़े पैमाने पर व्यवसाय के रूप में स्थापित करने के लिये ' हनी मित्र किसान समूह' बनाया। समूह में गाँव के ओमप्रकाश, कैलाश, चांदमल, पुष्कर और दिलीप को सदस्य बनाया। सभी सदस्यों ने 1 लाख 80 हजार रुपये जुटा कर आत्मा परियोजना के सहयोग से कारोबार शुरू किया।

हनी मित्र किसान समूह का नैचुरल ब्राँड शहद आज नीमच जिले के अलावा दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, इंदौर आदि जिलों में भी पसंद किया जा रहा है। इस समूह के पास अभी 10 क्विंटल शहद सप्लाई करने का एडवांस आर्डर है। अब अनिल धाकड़ मधुमक्खी पालन को व्यवसायिक रूप देकर आसपास के अन्य गाँव के युवाओं के लिये मिसाल बन गए हैं।

युवा किसान अनिल धाकड़ ने अभी अगस्त महीने में ही मधुमक्खी पालन के लिये गाँव में विशेष प्रशिक्षण आयोजित करवाया, जिसमें आसपास के 15 गाँव के 60 युवा किसानों को मधुमक्खी पालन के व्यावसायिक महत्व के बारे में बताया गया, समझाया गया। अब नीमच जिले के अन्य गाँव के युवा अनिल धाकड़ की सफलता से प्रेरणा प्राप्त कर रहे हैं।

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