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जाँबाज सैनिकों के कारण ही देश की सीमाएं सुरक्षित हैं - राज्यपाल

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राज्यपाल श्रीमती पटेल ने सैनिकों के लिए रवाना किया राखियों का रक्षा रथ

भोपाल, 

राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने भारत रक्षा पर्व पर सीमा पर तैनात सैनिकों के लिये मध्यप्रदेश की बहनों की ओर से राखी ले जा रहे रक्षा रथ को आज राजभवन से झंडी दिखाकर रवाना किया। राज्यपाल ने कहा कि मैं बहादुर सैनिकों को सैल्यूट करती हूँ। उनके कारण ही आज हमारे देश की सीमाएं सुरक्षित हैं। रक्षा रथ में नवदुनिया समाचार पत्र द्वारा बहनों से संग्रहित राखियाँ सीमा पर तैनात सैनिकों को भेजी गईं हैं।

राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में समाचार पत्रों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हर कठिन परिस्थिति में जनता और नेताओं का मार्गदर्शन किया है, सजग प्रहरी की भूमिका का निर्वहन किया है। आजादी के बाद भी देश के विकास में समाचार पत्रों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। राज्यपाल ने कहा कि हमारी सेना ने विश्व की बड़ी सेनाओं में अपनी प्रतिष्ठा स्थापित की है। आतंकवाद, नक्सलवाद और पड़ोसी देशों से घुसपैठ तथा अकारण गोलाबारी के बावजूद हमारे सैनिकों के हौसले बुलंद हैं। वो दुश्मनों को करारा जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सेना की 40 साल पुरानी मांग को पूरा कर उनका हक अदा किया है।

राज्यपाल ने कहा कि रक्षाबंधन भाई को बहन की रक्षा करने का संकल्प याद दिलाता है। सीमा पर तैनात सैनिक भी हमारे भाई हैं। रक्षाबंधन के दिन हजारों, लाखों सैनिक सीमा पर तैनात रहने के कारण अपनी बहनों से राखी नहीं बंधवा पाते। उन्होंने कहा कि देश की सभी बहनों द्वारा राखी भेजने से उनके हौसले बुलंद होंगे।

इस अवसर पर नवदुनिया के संपादक श्री सुरेश गौड़, स्टेट उप संपादक श्री ऋषि पांडे, विश्वविद्यालय के चांसलर श्री संजीव अग्रवाल और छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।

 

 

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